गाँधी चिंतन : शाश्वत मार्गदर्शन का आधार

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गाँधी चिंतन : शाश्वत मार्गदर्शन का आधार नामक सम्पादकीय पुस्तक में महात्मा गाँधी के विचार, व्यक्तित्व, कृतित्व, कार्यपध्दति एवं व्यवहार जैसे अनेक पक्षों की सर्वकालिक प्रासंगिकता को सिध्द करने का एक छोटा सा प्रयास किया गया हैं | इस पुनीत कार्य हेतु अनेक सुधी विद्वानों एवं विदुषियों का सहयोग लेकर, उपयोगी व सार्थक गाँधी-अध्ययन की अकादमिकता को रेखांकित करने का प्रयास किया हैं |

इसमें शिक्षा, भाषाई-विमर्श, सामाजिक-बदलाव, चरित्र-निमार्ण, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक, स्त्री-विमर्श, साहित्य, स्वास्थ्य, कार्य-व्यवहार, महामारी-प्रबंधन, भारतीय-संस्कृति, ग्राम-स्वराज, पर्यावरण, विश्व-व्यवस्था व कर्मयोग जैसे अनेक विषयों पर गाँधी के चिंतन को न केवल आज के परिप्रेक्ष्य में देखने का प्रयास किया गया हैं, अपितु साथ में यह सिध्द करने का बीड़ा भी उठाया हुआ हैं कि-गाँधी-चिंतन आज भी सार्थक व आधुनिक उपागम हैं |

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