अपने ख़ुद के शब्दों में…लता मंगेशकर

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वर्ष 1949 में लता के द्वारा गाया गया गाना, ‘आएगा आनेवाला’ जिसे फ़िल्म महल के लि ए फ़िल्माया गया था, इस गाने ने लता की अद्भत गायन कला को एक विशेष परिचय दिया; और उन्हें लोगों ने अपनी कल्पनाओं में जगह दी। बारंबार याद किए जाने वाले इस शावत गीत ने, अद्भतु गायन शैली, वि शुद्ध आवाज़ और शब्दों पर पकड़ की खूबसूरती की वजह से श्रोताओं के बीच रातों-रात अपना जादू बिखेर दिया। तक़रीबन छह दशकों से, भारतीय फ़िल्म संगीत में, उनका एकछत्र राज रहा है; और 2001 में उन्हें, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया गया।

लता मंगेशकर, दुनिया के किसी भी गायक से ज़्यादा गाने वाली गायिका के रूप में प्रसिद्धि के शीर्ष पर, विराजमान होने के बावजूद, एक नितांत निजी इनसान हैं, जिन्होंन॓ तड़क-भड़क और चकाचौधं से हमेशा ही दूरी बनाए रखी है।

अपने ख़ुद के शब्दों में…लता मंगेशकर, लता मंगेशकर और नसरीन मुन्नी कबीर के बीच, दिलचस्प बातचीत की वृहद श्रखला है, जो भारत की सबसे ज़्यादा प्रति भासंपन्न गायि का के जीवन के तमाम पहलुओं से परिचय कराती है, जिनकी आवाज़ ने असंख्य लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई हुई है।

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