क्यों???

आज फिर से एककविता –
लिख रहा हूँ
ना जाने क्यों लिख रहा हूँ?
ये मेरे मन के भाव हैं

या फिर –
मेरे विचार
जो आज फिर से मुझे
विवश कर रहें हैं

कविता – के लिए

हाँ –
ये विचार ही तो है
जो हमें सोचने पर
या फिर
लिखने पर विवश कर रहें हैं
और
हम लिखे जा रहें हैं..

– राजेश पंत

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