कविता

आत्मबल

यूँ तो समंदर में चलती है हज़ारों किश्तियाँमगर हर किश्ती समंदर में डूबती तो नहीं|डर है गर डूबने का किसी किश्ती को ,ऐसी किश्ती समंदर में चलती तो नहीं | चल रही है जैसे किश्तियाँ , आदमी भी चल रहा है,जीवन के समंदर में आदमी डूबता तो नहीं,डर है गर डूबने का किसी आदमी को …

आत्मबल Read More »

वीरता का ध्वज

तब की बात है… सामने पहाड़ था सिंह की दहाड़ सा, फिर भी तुम डटे रहे काल सा अड़े रहे, ध्वज कभी झुका नहीं मान कभी घटा नहीं, युद्ध की छाप का दुश्मन के विलाप का, सन्देश मिला देश को और पूरे विदेश को, जब भी ख़तरा मंडराया ध्वज स्वच्छंद हवा में लहराया, विवेक से …

वीरता का ध्वज Read More »

क्यों???

आज फिर से एककविता –लिख रहा हूँना जाने क्यों लिख रहा हूँ?ये मेरे मन के भाव हैं या फिर –मेरे विचारजो आज फिर से मुझेविवश कर रहें हैं कविता – के लिए हाँ –ये विचार ही तो हैजो हमें सोचने परया फिरलिखने पर विवश कर रहें हैंऔरहम लिखे जा रहें हैं.. – राजेश पंत

सूरज निकलेगा!

आशा खो गईनिराशा के भंवर मेजिंदगी चलती रहीखोज मेना आदि मेना अंत मेसमय के संयोग मेबेहतरी की आशा मेजिंदगी की निराशा मेहोने या ना होने केभंवर मेकटती जा रही हैंनिराशा बढ़ती जा रही हैंउम्र घटती जा रही हैंदुनिया रो रही हैंपर फिर भीउम्मीदों को ढ़ो रही हैंकिवो दिन फिर आएगाउम्मीद जवान होगींसबका साथ होगाहाथों मे …

सूरज निकलेगा! Read More »

आशा क्या है?

आशा क्या है?वो रूप हैंउस सोच काजो आज सबके मन मे हैंकिहम सबजीतेंगेआगे बढ़ेंगेसामना करेंगेचाहे मुश्किलें हजार होसमुद्र सी विकराल होझुकना नहींरुकना नहींटूटना नहींहटना नहींदीवार हम बन जाएगेमुश्किलों से ना कतराएगेहैं हौसला हम मे अभीकि फिरनया एक दिन आएगाहाथ मे हाथ होगालोगों का भी साथ होगादिन को दूर नहींजबफिर एकनया सवेरा होगा!!

आज

आजतेज हवा के झोंके सेकिताब के पन्ने खुल गयेकुछ एसा दिखाकि ज़ख़्म हरे हो गएयादें जवा हो गईधड़कने तेज हो गईजबमाँ के हाथों से लिखापत्रफिर आखों के सामने आ गयाबचपना याद आ गयावो ड़ाटनावो प्यार करनासुबह सुबह उठनाफिर हमें उठानापहले खुद पढ़नाफिर हमें पढ़ानाज़िन्दगी तो वहीं थीना कोई डरना फ़िकरवो एक शब्दमाँही जिंदगी था!! … …

आज Read More »

वीरों को नमन

उन वीरों को नमन करें , जो रण भूमि मे अपने लहू से नहाए थेफासी के तख्ते पर भी , जो झूम झूम मुस्काए थेना वो हिंदू ना वो मुस्लिम , वो भारत मां की शान थेनमन करें उन वीरों को , जो हमारे लिए भगवान थेसुभाष चन्द से खुदी राम तक , सबने हमारी …

वीरों को नमन Read More »

Pin It on Pinterest